जिंदगी - जीने का नाम है (5)
अगली सुबह शुक्रवार का दिन। सभी उठ चुके हैं लता किचन में खाना बना रही है। रिया, रुद्रांश और सुमित तैयार होकर नाश्ता कर रहे हैं। रोहित भी उठकर बाहर आया अक्सर 9-10 बजे उठने वाला रोहित, आज 7:00 बजे ही उठ गया था "अरे रोहित ! आज सुबह-सुबह उठ गया।" लता ने किचन से निकलते हुए कहा "हां मॉम, वो इंटरव्यू के लिए जाना है इसलिए।" "तो फिर नहाकर तैयार हो, मैं खाना लगाती देती हूं।" "जी अभी थोड़ी देर में तैयार हो जाऊंगा।"कहते हुए रोहित रिया और रुद्राक्ष की ओर बढ़ गया, जो डाइनिंग टेबल पर नास्ता कर रहे थे। "गुड मॉर्निंग भैया" "गुड मॉर्निंग बाबू" रोहित ने रिया को जवाब देते हुए कहा "क्या बात है रोहित ? आज इतनी जल्दी" सुमित ने खाना खाते हुए पूछा "जी पापा, आज वह इंटरव्यू के लिए जाना है इसलिए।" "इंटरव्यू ? क्यों मास्टर्स में एडमिशन नहीं लेना क्या ?" "लेना है पापा, पर मैं मास्टर्स ओपन स्कूल से करना चाहता हूं।" "तू खुद समझदार है जैसा तुझे ठीक लगे।" "जी, आप चिंता मत कीजिए। मेरी पढ़ाई जारी रहेगी।...