जिंदगी - जीने का नाम है (2)

"ये लड़का भी ना दिन-पे- दिन आलसी और नालायक होता जा रहा है। रिया जरा देखना आज 10:00 बजने वाले हैं और यह उठा भी नहीं । ऑफिस नहीं जाना क्या इसे।"लता ने कहा
"जी मम्मी, अभी देखती हूं।" कहते हुए रिया रोहित के कमरे की तरफ बढ़ गई।
खट-खट दरवाजों को पीटते हुए रिया कमरे में आई और धीरे से फुसफुसाते हुए
"मुझे भैया को आराम से उठाना पड़ेगा वरना भैया गुस्सा हो गए तो सुबह-सुबह डांट सुननी पड़ेगी और पिटाई भी हो सकती है।"
यह बड़बड़ाई और आराम से रोहित के मुंह पर से रजाई हटाते हुए कहा 
"भैया उठ जाओ ! मम्मी बुला रहीं हैं। ऑफिस के लिए देर हो जाएगी, फिर जल्दबाजी करोगे।"
"कोई बात नहीं देखी जाएगी!" कहते हुए रोहित ने दोबारा मुंह ढक लिया। रिया ने जैसे ही दोबारा रजाई हटाए तो रोहित ने के पास का एक तकिया उसके मुंह पर दे मारा फिर क्या रिया ने भी रोहित की पूरी रजाई खींच ली और वही तकिया उसके मुंह पर दे मारा दोनों आपस में तकिया के साथ लड़ने लगे और तभी लता भी गर्म पानी लेकर कमरे में आ गई।
"यह सुबह-सुबह फिर तुम दोनों फिर शुरू हो गए।" लता की आवाज सुनते ही रोहित अपनी रजाई दोबारा खिंचकर लेट गया। गर्म पानी टेबल पर रखते हुए "रोहित अब उठ जा 10 बजने वाले हैं आज फिर तू लेट हो जाएगा।"
"क्या 10 बजने वाले हैं ?" चौंकते हुए रोहित उठ कर बैठ गया।
"हां, और अब बंदरों की तरह जल्दबाजी में तैयार होना शुरू कर !" लता ने जैसे ही कहा रोहित ने तपाक से कहा
"पर ऑफिस तो जाना ही नहीं ।" 
"क्यों आज छुट्टी करेगा? कोई काम है क्या?" लता ने पूछा
"नहीं ! मैंने जॉब छोड़ दी।"
यह सुनते ही रिया हंस पड़ी।
"क्या हुआ ?"रोहित ने पूछा
"कुछ नहीं"
"तो फिर हंसी क्यों"
"हंसे नहीं तो क्या करें ? तुझे अभी 3 महीने हुए हैं काम करते हुए, इतने में तुम दो जॉब्स छोड़ चुका है।"लता ने बिस्तर पर बैठते हुए कहा
"क्या करूं मॉम ? कोई जॉब पसंद ही नहीं आती रोज वही एक ही तरह का काम।
"अच्छा तो ये जॉब क्यों छोड़ दी ?"लता ने गंभीरता से पूछा
"आप और पापा ही तो रोज डांटते रहते हो। देर कैसे हो गई ? आज फिर देर से क्यों आया ? इसलिए"
"हां तो बेटा हमें तेरी फिक्र होती है और वो तुझसे ज्यादा काम भी करवाते थे इसीलिए पापा ने पहले ही मना किया था।भूल जा उसे! तो तू अब क्या करेगा?"
"कोई नई जॉब देखूंगा जिसमें काम का टाइम फिक्स हो।"
"अच्छा अब उठ फ्रेश हो जा ! मैं खाना लाती हूं।" बिस्तर से उठते हुए लता ने कहा
"हम्म" पानी का गिलास उठाते हुए रोहित ने कहा।

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