बेवजह ज़िंदगी
आज फिर बैठा कुछ सोचने कुछ समझने में, वही पुराना ख्याल और वही सवाल । क्या मकसद है ? क्या वजह ? करना क्या चाहता हूं ? पाना क्या चाहता हूं , खुशबू की तलाश में हूं, महकाना क्या चाहता ? किस चीज की बेचैनी है ?
सोचते सोचते थोड़ा आगे बढ़ा तो पाया अब तक क्या-क्या किया और क्यों ? जब से होश संभाला है और जो याद है उनमें सब कुछ किसी ने किसी वजह से था। चाहे पढ़ाई करनी हो क्लास में ठीक से रहना, चाहे लड़ाई झगड़े से दूर जाना हो या जिंदगी को बहुत गंभीर लेना। हर काम के पीछे कुछ ना कुछ वजह रही। फिर भी इनमें से अब क्या बचा है मेरे पास ? कुछ नहीं, यह सब कुछ एक वजह के साथ शुरू हुआ था एक वज़ह के साथ खत्म हुआ। कुछ चीज ऐसी थी जिनके लिए मेरे पास कोई वजह नहीं थी पर वह हमेशा से मेरे पास है। कुछ चीज ऐसी भी है जो मैंने बिना वजह की। किसी वजह से की गई चीज एक वक्त के बाद खत्म हो जाती है। क्योंकि उनकी एक वजह होती है, उनका लक्ष्य होता है और वो पाकर खत्म हो जातीं हैं।
उनका क्या जिनका कोई लक्ष्य ही नहीं, जिनका कोई अंत ही नहीं। लिखना मैंने बेवजह ही शुरू किया था और मैं आज भी अक्सर लिखता हूं चाहे नेचर की फोटोस क्लिक करना हो या यूं ही अकेले कहीं निकल जाना। कुछ चीज आपको सुकून देती है वजह से बढ़कर अपने सुकून के लिए करते हैं। मैं भी किसी को बिना वजह ही चाहा था वह शख्स आज भी मेरा सुकून बनकर मेरे पास है और क्योंकि मैंने उससे कुछ उम्मीद नहीं की। तो उससे मिलने वाला कुछ भी मेरे लिए बहुत कुछ की तरह होता है। अब अगर मेरा लिखा किसी एक को भी पसंद आता है तो मेरे लिए ज्यादा ही होगा क्योंकि मैंने तो बेवजह ही लिखा था। मेरी फोटोस अगर किसी को सुंदर लगते हैं तो वह मेरे लिए ज्यादा ही है अगर हम किसी को बेवजह चाहे वह हमारे लिए थोड़ा भी करें तो वह खुशी उस खुशी से कहीं ज्यादा होगी जिससे कि हमें उम्मीद करते हैं खुशी की।
कभी आजमाइएगा मेरी इन बातों को। किसी शाम बेवजह निकाल पड़िएगा थोड़ी सी खुशियां लेकर किसी भूखें को खाना, किसी हारे हुए को सहारा और किसी निराशा को उम्मीद देने। यह दुनिया बहुत बड़ी है , जरूरी नहीं यहां सिर्फ पैसों से खुशी मिले यकीन मानिए किसी को उम्मीद देकर उसकी आंखों में जो चमक दिखेगी आपको वो अलग ही ऊर्जा से भर देगी।
इसलिए अंत में बस इतना ही कुछ चीज जिंदगी में बेवजह के लिए भी रखनी चाहिए जो किसी और के लिए नहीं सिर्फ आपके लिए हूं जिंदगी को बेवजह जी कर भी देखो मैं दावे के साथ कह सकता हूं यह बेवजह की जिंदगी उम्मीद से भारी कैद से कहीं ज्यादा बेहतर होगी कुछ समय बेहतर जिंदगी के नाम।
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