युवा है तू संधान कर.....

15 June 2020 (10:07 PM)

युवा है तू संधान कर ,

कुछ नया विधान कर,

स्वयं को महान कर ,

लक्ष्य का तू ध्यान कर |


परिवार की तू शान बन,

समाज का अभिमान बन |


क्या लगा है खेल खिलौनों में ,

तू ऊंचा हैं,ख़ास इन बौनों में,

अपनी हस्ती की पहचान कर,

युवा है तू संधान कर |


संघर्ष में झुकना नहीं ,

हालात से रुकना नहीं  |


सोच समझकर, विचार कर ,

और वैसा ही आचार कर ,

दुश्मनों का संहार कर ,

जीवन से अपने प्यार कर |


आज ही तू लक्ष्य ठान ,

विरोधियों की मत, तू मान,

अपनों का सम्मान कर,

युवा है तू संधान कर |


कह बात सोच विचार कर

अब आर कर या पार कर,

हुनर को और निखार कर,

जा लक्ष्य पर तू मार कर |


हाँ मानता हु, हार होगी

एक नहीं कई बार होगी ,

मेहनत ना तेरी बेकार होगी

इच्छा तेरी भी साकार होगी|


नई सोच रख नया काम कर

कुछ अलग तू नाम कर

जीतेगा तू भी हार कर

युवा है तू संधान कर |

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