06/02/2023
ना खोना चाहते हो, ना पाना चाहते हो।
वो आखिर क्या है? जो छिपाना चाहते हो।
हंसाना चाहते हो या रुलाना चाहते हो,
इंसान चाहते हो या खिलौना चाहते हो।
ना आब चाहते हो, ना शबाब चाहते हो,
लगता है तुम तो बस ख्वाब चाहते हो।
मुसाफ़िर हो ? आगे की राह चाहते हो,
हमें भूल जाओ ! अगर सलाह चाहते हो।
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