कलम नई पर बात वही।

13 July 2020

Note: यह लेख  29 जून 2020 को लिखा गया है। कृपया इसे वर्तमान संदर्भ से ना जोड़े।

नमस्ते दोस्तों मैं राहुल स्नातक का छात्र हूं। शायद आप मुझे कम या ज्यादा जानते होंगे तो सबसे पहले कोई गलती हो तो माफ कीजिएगा आज मैं अपने कुछ विचार रखूंगा।


तो शुरू करते हैं "कलम नई पर बात वही" तो बात कल दोपहर की है उस टाइम वेस्ट शेड्यूल के बीच यूट्यूब पर एक गाना सुना "Shukar Kar" जो गाना वैसे था तो लॉकडाउन के हालात पर, पर उसने मेरे दिमाग के कई ढक्कन खोल दिए जिसमें गाने से ज्यादा उससे पहले और उसके बाद मेरे साथ हुई घटनाओं का योगदान था।

तो बात करते हैं लोक डाउन की ।
लॉक डाउन का टाइम वह टाइम जिसे सबने अपने हिसाब से इस्तेमाल किया और उसी हिसाब से टिप्पणियां भी की। जिसके फायदे के रूप में दिखा उसने हमें बहुत वक्त दिया वह सभी काम करने के लिए जो हम सोचते थे कभी वक्त मिलेगा तो करेंगे। मैंने भी बहुत से नए काम किए जिनमें से एक था "over thinking" थोड़ा बेवकूफी भरा है पर मुझे तो पसंद है तो मैंने किया। विषय भी बहुत सारे थे धीरे-धीरे मैं वास्तविक विषय पर आया बल्कि यूं कहूं कि "मैं" से हटकर "हम" पर आया। हम मतलब मेरे दोस्त मेरे सहपाठी मेरे आयु वर्ग के यानी "युवा"।

इस पर सोचने के तुरंत बाद मैंने एक लघु कविता भी लिखी "युवा है तू संधान कर" |फिर मेरे मन में पहला सवाल आया जो इस देश का भविष्य है क्या उसका कोई भविष्य है ? एक बार सोचो क्या आपका कोई निश्चित भविष्य है यदि है तो क्या आप उसके लायक हो अगर लायक भी हो तो क्या आप उसेे प्राप्त कर सकते हो। 

दुनिया भर में भारत को एक युवा देश कहा जाता है क्योंकि इसकी अधिकतर आबादी युवा है अर्थात युवा शक्ति संपन्न। पर किसी ने सोचा है कि इस देश का युवा, है कहां ? और क्या कर रहा है ?
एक युवा Pubg में कमांडो बना फिर रहा है और वो बच्चा जिसे अगर रियलिटी में एक गन(बंदूक) दे दें और गोली चलाने को कहें तो गोली एक 1 किलोमीटर आगे जाएगी और ये बच्चा 2 किलोमीटर पीछे जाकर गिरेगा। और ये भाई रैंकिंग लेकर कमांडो बनता घूम रहा है।

और हमारा दूसरा युवा है -"Tiktok पे स्टार" । ऐसे बच्चे जिन्हें स्टार की स्पेलिंग भी नहीं पता और अगर इन बच्चों को 100 लोगों के सामने बुलाकर बोला जाए कुछ बोलने को उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलेगा पर यह लोग यहां आ करके जीवन जीने का ज्ञान दे रहे हैं। यहां एक नए टैलेंट का आविष्कार हुआ है लिप्सिंग का टैलेंट। मतलब अगर आप किसी और की आवाज में मुंह चला कर लोगों को बेवकूफ बनाते हो तो ये आपका टैलेंट समझा जाएगा। और तो और वह लड़के जिन्हें बर्तन मांजने, झाड़ू लगाने और घर का काम करने में शर्म आती है वो लड़के यहां साड़ी पहन के नाच रहे हैं। वाह भाई! 

और फिर इन सब के बाद अगर चीन जैसा पड़ोसी देश हमारे देश में घुसपैठ करता है। तो तुम उंगलियों से बॉयकॉट करना शुरू कर देते हो अरे मूर्खों जिस फोन में तुम बॉयकॉट कर रहे हो वह भी तो चीन का है और जिस भी प्लेटफार्म पर तुम बायकाट कर रहे हो वह भी चीन का हो सकता है और पब्जी में भी 10 %परसेंट चीन का है और टिक टॉक तो पूरा ही है। और उसके बावजूद हमारे घर का आधा सामान तो मेड इन चाइना ही है | एक छोटे से नेल कटर से लेकर दफ्तरों में लगा कंप्यूटर भी। तो फिर एक काम करते हैं बॉयकॉट के लिए आदिवासी बन जाते हैं सभी मोह माया का त्याग कर देते हैं।

चलो यहां तक तो फिर भी ठीक है कम से कम यह कुछ कर तो रहे हैं एडिटिंग, कटिंग, पेस्टिंग इन सब से ना ज्यादा तो फोटोग्राफर तो बन ही जाएंगे।
फिर आती है युवाओं की सबसे उत्तम प्रजाति इन्हें कुछ नहीं करना कुछ नहीं सीखना बस टिक टॉक और यूट्यूब,पबजी,  खाना और सो जाना यह इनकी दिनचर्या है।"कतई वीआईपी(VIP) जानवर।" VIP वीआईपी इसलिए क्योंकि इन्हें न खाना ढूंढने की दिक्कत न खाना पकाने की दिक्कत ना घर बनाने की दिक्कत । हालांकि अब तक मैं भी इसी वर्ग में आता था कहने को तो हम पढ़ाई करते हैं छात्र हैं पर इस लोक डाउन के समय में टाइम पास करने के तरीके ढूंढ रहे थे जबकि हम इसमें कुछ नया सीख सकते हैं| 


इन सबके अलावा एक और वर्ग है | जो अपने परिवार और अपने भविष्य के बारे में सोचते हैं ।रोज कुछ नया सीख रहे हैं । रोज कुछ नया कर रहे हैं । खुद को निखार रहे हैं। कुछ नए कौशल सीख रहे हैं | ये वो है जो 100 दिनों में 100 बातें बोलने में विश्वास नहीं बल्कि उस 1 दिन के लिए खुद को तैयार करते हैं जिस 1 दिन 100 बातों को बोलने के काबिल हो सके | और शायद इसीलिए इन्हें सबसे ज्यादा खतरनाक कहा जाता है क्योंकि यह अपने भविष्य के बारे में सोचते हैं|


हम से मिलता जुलता एक और वर्ग है ये भी  ज्ञान अर्जित कर रहे हैं पर इनका तरीका थोड़ा अलग है यह एक जगह 100 मीटर  गड्ढा नहीं खोदते  बल्कि 10 जगह 10-10 मीटर गड्ढा  खोदते  हैं और फिर कहते हैं पानी नहीं मिला | मतलब यह लोग एक  क्षेत्र का सौ प्रतिशत  ज्ञान नहीं  लेते बल्कि 10 अलग क्षेत्रों का 10-10 प्रतिशत ज्ञान लेते हैं और फिर कहते हैं की सफलता प्राप्त नहीं होती और उसका कारण व्यवस्था को बताते हैं | तो फिर यह व्यवस्था को बदलने की कल्पनाएं करते रहते हैं | इस वर्ग में वह आते हैं जिनका खुद का वोटर पहचान पत्र नहीं बना है और वह सरकार और उसकी नीतियाँ बदलने की कोशिश में लगे है | 


ऐसे और भी बहुत है  ढूंढो अपने आस -पास  और सोचो वो  क्या कर रहे हैं ? मैं कभी किसी चीज को पूरा गलत या पूरा सही नहीं मानता |  यह चीजें भी अगर मनोरंजन के लिए तय समय सीमा में किए जाएं तो फायदा है परंतु हद से ज्यादा होने  से यह बुरे प्रभाव दिखाते हैं | 


 तो इन चीजों को करते रहिए परंतु उनके अपने दायरे में अगर आप  बॉयकॉट करना चाहते हैं  तो सार्थक रूप से कीजिए खुद को इतना सक्षम बनाइए की परिवर्तन कर सकें मतलब चाइनीस सामान को रिप्लेस करने में अपना योगदान दीजिए अपने क्षेत्र के अनुसार |

                                    “सक्षम बनिये”  यानी की उस लायक बन जाओ की जो तुम चाहते हो वह कर सको जैसे कि पब्जी  खेलने वाले सच में कुछ करना चाहते हैं तो रियलिटी में मेहनत करो और देश की सुरक्षा सेवाओं में सहयोग दो जिससे कि तुम देश की और अपने परिवार की दोनों की मदद कर सको |  टिक टॉक वालों  अगर  आपको लगता है कि आप में अच्छा हुनर है तो अपने हुनर पर काम कीजिए ना की यह बेवकूफ  वाली हरकतें | क्योंकि वर्चुअल  पहचान(ID) तो चोरी या डिलीट हो सकती है पर समाज की सामाजिक पहचान ना तो कोई चुरा सकता है और ना ही डिलीट होती है बल्कि यह पहचान आपके ना रहने पर भी बनी रहती है तो आज से ही अपनी सामाजिक पहचान पर काम कीजिए और याद रखिए की इस आईडी को डिलीट नहीं किया जा सकता तो सोच समझकर नए कदम  उठाइए और इसीलिए बड़ों से सलाह जरुर लीजिएगा |  आज की डिप्रेशन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए अच्छे दोस्त बनाइये और अपनी बातों को शेयर करना शुरू कीजिये अभी तक कोई अच्छा दोस्त ना भी हो तो खाली पन्ने सबसे अच्छे दोस्त होते हैं  उन्हें आप जितना सुनाओ वो  सुनते रहते हैं और किसी  और को बताते  भी नहीं |

Be Happy Stay Safe


टिप्पणियाँ

Unknown ने कहा…
मन की बात पेपर पर उतारनी तो कोई आप से सीखे बहुत खूब जनाब।
Aditya Singh ने कहा…
❣️❣️❣️💐💐

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